उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के भिटौली क्षेत्र स्थित महदेईया गांव में करीब 85 साल पहले हुई एक खोज आज भी लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है। यहां पोखरे (तालाब) की खुदाई के दौरान भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति मिली थी, जिसे बाद में मंदिर में विधिवत स्थापित किया गया।
शिलालेख के अनुसार, यह मूर्ति वर्ष 1939 में खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थी। जिस स्थान पर आज मंदिर स्थित है, उसके सामने तालाब की खुदाई के समय यह प्रतिमा जमीन के भीतर से निकली। ग्रामीणों का मानना है कि यह मूर्ति सदियों पुरानी है और संभवतः यहां पहले कोई प्राचीन मंदिर रहा होगा, जो समय के साथ विलुप्त हो गया।
मूर्ति मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में उत्साह का माहौल बन गया था। स्थानीय लोगों ने सामूहिक सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया और प्रतिमा की स्थापना की। तब से यह स्थान धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व का केंद्र बन गया है।
नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जिले में कई प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जिनसे जुड़ी लोककथाएं और मान्यताएं आज भी प्रचलित हैं। महदेईया गांव का यह विष्णु मंदिर भी उन्हीं में से एक है, जहां श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
यह खोज न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की ओर भी संकेत करती है।

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