महायान नव वर्ष बौद्ध धर्म की महायान परंपरा से जुड़ा एक आध्यात्मिक पर्व है, जिसे केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं बल्कि आत्मचिंतन, करुणा और जीवन में नए संकल्प लेने का अवसर माना जाता है। यह उत्सव मुख्य रूप से उन देशों और समुदायों में मनाया जाता है जहां महायान बौद्ध परंपरा का प्रभाव है, जैसे चीन, जापान, कोरिया, वियतनाम और ताइवान। यहां नव वर्ष की शुरुआत अक्सर चंद्र कैलेंडर के आधार पर होती है और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामाजिक उत्सव भी मनाए जाते हैं।
महायान नव वर्ष के दौरान लोग बुद्ध मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं, ध्यान लगाते हैं और दान-पुण्य करते हैं। कई स्थानों पर पुराने वर्ष की नकारात्मकता को छोड़कर नई शुरुआत का संकल्प लिया जाता है। करुणा, शांति और सामूहिक कल्याण की भावना इस पर्व का मूल संदेश है।
भारत में महायान नव वर्ष व्यापक स्तर पर नहीं मनाया जाता, लेकिन लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और बौद्ध समुदायों वाले कुछ शहरी क्षेत्रों में इसे सीमित रूप से मनाया जाता है। यहां बौद्ध भिक्षु विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस दिन को यादगार बनाते हैं।
इस तरह महायान नव वर्ष केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि, सकारात्मक सोच और समाज में करुणा फैलाने का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अवसर है।

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