रिश्तों में अक्सर ऐसा होता है कि कोई अपना अचानक दूर हो जाता है। दिल में सवाल उठता है – क्या वह वापस आएगा? यह सवाल नींद और मन को बेचैन कर देता है। ऐसे समय में प्रेमानंद जी महाराज के जीवन मंत्र बेहद मददगार साबित होते हैं।
प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, जब कोई आपको छोड़कर चला जाए, तो उसके पीछे भागने के बजाय खुद को मजबूत बनाना जरूरी है। वे सिखाते हैं कि रिश्तों में संतुलन और आत्मसम्मान होना आवश्यक है। अगर आप स्वयं के भीतर स्थिरता और आत्मसम्मान पा लेते हैं, तो रिश्तों की दिशा अपने आप बदलने लगती है। कई बार सामने वाला तभी लौटता है, जब उसे आपकी गैर-मौजूदगी और आपकी कीमत का एहसास होता है।
उनके 6 प्रमुख प्रेम सूत्र इस प्रकार हैं:
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– अपने सम्मान को कभी कम न होने दें।
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भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखें।
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– जीवन में स्वयं को प्राथमिकता दें।
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– विपरीत परिस्थितियों में भी आशावादी रहें।
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– रिश्तों में भावनाओं और तर्क दोनों का संतुलन रखें।
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खुश रहना और जीवन को आगे बढ़ाना खुद की जिम्मेदारी समझें।
प्रेमानंद जी महाराज का मानना है कि प्रेम किसी की मजबूरी नहीं होना चाहिए। जब आप इन सूत्रों को अपनाते हैं, तो न केवल आपका मन शांत रहता है, बल्कि रिश्तों में बेहतर समझ और स्थिरता भी आती है।

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