मृत्यु जीवन का अटल सत्य है, लेकिन इसके संकेतों को लेकर समाज में लंबे समय से चर्चा होती रही है। गरुड़ पुराण में मृत्यु से पहले मिलने वाले कुछ शारीरिक और मानसिक संकेतों का विस्तार से वर्णन मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये संकेत आत्मा की यात्रा की तैयारी का हिस्सा माने जाते हैं, जबकि आधुनिक विज्ञान इन्हें शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों से जोड़कर देखता है।
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व्यक्ति का अचानक अधिक शांत या अंतर्मुखी हो जाना
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सांसों की गति और शरीर की ऊर्जा में बदलाव
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भोजन में अरुचि या स्वाद में परिवर्तन
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अपनों से दूरी बनाना या आध्यात्मिक विषयों में रुचि बढ़ना
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कुछ लोगों का अपने जीवन से जुड़ी अधूरी बातों को पूरा करने की कोशिश करना
धार्मिक दृष्टिकोण में माना जाता है कि ये संकेत आत्मा के अगले पड़ाव की तैयारी का संकेत हो सकते हैं। वहीं, चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर बीमारियों, बढ़ती उम्र या मानसिक स्थिति में बदलाव के कारण भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन विषयों को अंधविश्वास की बजाय संवेदनशीलता और समझ के साथ देखना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति में अचानक शारीरिक या मानसिक बदलाव नजर आएं, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
यह विषय आस्था और विज्ञान के बीच संतुलन का है, जहां एक ओर धार्मिक मान्यताएं हैं, तो दूसरी ओर आधुनिक चिकित्सा की व्याख्या।


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