Nakaratmak Urja Ke Sanket: कई बार घर सुंदर और व्यवस्थित होने के बावजूद अंदर प्रवेश करते ही मन भारी लगने लगता है। बिना किसी स्पष्ट कारण के चिड़चिड़ापन, बेचैनी या थकान महसूस होना इस बात का संकेत हो सकता है कि घर की ऊर्जा संतुलित नहीं है। पारंपरिक मान्यताओं जैसे वास्तु शास्त्र और फेंग शुई में माना गया है कि स्थान की ऊर्जा व्यक्ति के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि घर में बार-बार छोटी दुर्घटनाएं हों, इलेक्ट्रॉनिक सामान जल्दी खराब हो जाएं, पौधे सूखने लगें या बिना वजह तनाव बना रहे, तो इसे नकारात्मक ऊर्जा के संकेतों में गिना जाता है। इसके अलावा घर में घुसते ही बदबू आना, घुटन महसूस होना या लगातार नींद न आना भी संकेत हो सकते हैं।

कुछ लोग बताते हैं कि ऐसे माहौल में परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े बढ़ जाते हैं और आर्थिक रुकावटें भी सामने आती हैं। हालांकि इन बातों को अंधविश्वास की बजाय जीवनशैली, सफाई और मानसिक स्थिति से जोड़कर देखना अधिक व्यावहारिक माना जाता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर में नियमित सफाई, धूप-हवा का प्रवेश, टूटे सामान को हटाना और सकारात्मक गतिविधियां बढ़ाना वातावरण को हल्का बना सकता है। यदि लगातार नकारात्मकता महसूस हो रही हो तो आध्यात्मिक अभ्यास या ध्यान भी लाभकारी हो सकता है।

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