मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि 2026 का पावन पर्व भक्ति और उत्साह के साथ शुरू हो गया है। खास बात यह है कि 12 ज्योतिर्लिंगों में केवल उज्जैन में ही महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव नवरात्रि मनाई जाती है, जिसमें नौ दिनों तक भगवान महाकाल के नौ विशेष श्रृंगार किए जाते हैं। देश-विदेश से हजारों भक्त इन अद्भुत दर्शनों के लिए उज्जैन पहुंचते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पृथ्वी का एकमात्र दक्षिणमुखी और स्वयंभू शिवलिंग माना जाता है, जो इसे और भी विशेष बनाता है। शिव नवरात्रि के चौथे दिन संध्या पूजन के बाद बाबा महाकाल महाकाल घटाटोप स्वरूप में दर्शन देंगे। यह श्रृंगार शिव की शक्ति और रौद्र स्वरूप का प्रतीक माना जाता है, जिसे देखने के लिए भक्तों में विशेष उत्साह रहता है।

शिव नवरात्रि उत्सव की शुरुआत शुक्रवार सुबह कोटेश्वर महादेव के पूजन के साथ हुई। गर्भगृह में पुजारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा पंचामृत पूजन और एकादश-एकादशनी रूद्राभिषेक किया गया। इसके बाद शाम को भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया जाएगा।

नौ दिनों तक चलने वाला यह उत्सव साधना, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम माना जाता है। उज्जैन में आयोजित शिव नवरात्रि न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है।

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