प्रयागराज और अन्य धार्मिक स्थलों पर नागा साधुओं के साथ दिखाई देने वाला एक खास पात्र अक्सर लोगों की जिज्ञासा का कारण बनता है। इसे ब्रह्म पात्र या ब्रह्मा पात्र कहा जाता है, जिसे नागा साधु अपनी तपस्या और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। पहली नजर में यह एक साधारण सूखा तुंबा या पात्र लगता है, लेकिन साधु परंपरा में इसका आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक महत्व बेहद गहरा होता है।
प्रयागराज और अन्य धार्मिक स्थलों पर नागा साधुओं के साथ दिखाई देने वाला एक खास पात्र अक्सर लोगों की जिज्ञासा का कारण बनता है। इसे ब्रह्म पात्र या ब्रह्मा पात्र कहा जाता है, जिसे नागा साधु अपनी तपस्या और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। पहली नजर में यह एक साधारण सूखा तुंबा या पात्र लगता है, लेकिन साधु परंपरा में इसका आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक महत्व बेहद गहरा होता है।


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