मध्य प्रदेश के मंडला जिले में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान घर वापसी का मामला सामने आया है। गणेश पुराण के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में तीन परिवारों के 15 सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर सनातन धर्म को अपनाया।
कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया। घर वापसी करने वाले परिवारों ने सनातन परंपरा, संस्कार और आस्था में पुनः विश्वास जताते हुए अपने पूर्वजों के धर्म में लौटने की बात कही।
स्थानीय आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ और इसमें समाज के गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही। गणेश पुराण पाठ के समापन के बाद धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कराई गई, जिसके बाद तीनों परिवारों ने सार्वजनिक रूप से सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म जीवन को संतुलन, संस्कार और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। वहीं, घर वापसी करने वाले लोगों ने इसे अपना स्वैच्छिक निर्णय बताया और कहा कि वे लंबे समय से अपनी परंपराओं से जुड़ने की इच्छा रखते थे।
घटना को लेकर प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की अशांति या विवाद की सूचना नहीं है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।

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