कभी आपने सुना होगा—“हथेली में लिखा है सब।” हस्तरेखा शास्त्र में सिर्फ रेखाएं ही नहीं, बल्कि हथेली के उभरे हुए भाग यानी पर्वत भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें सबसे खास माना जाता है गुरु पर्वत।
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) के नीचे उभरा भाग गुरु पर्वत (Jupiter Mount) कहलाता है। यह व्यक्ति की—
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महत्वाकांक्षा
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नेतृत्व क्षमता
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प्रशासनिक योग्यता
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सामाजिक प्रतिष्ठा
का संकेत देता है।
ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, जिन लोगों का गुरु पर्वत उभरा और संतुलित होता है, वे अक्सर नेतृत्व की भूमिकाओं में आगे बढ़ते हैं।


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