झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर एक अनूठी धार्मिक परंपरा निभाई जाती है, जिसे विवाह बाधा दूर करने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस पावन दिन मंदिर के शिखर पर स्थित पंचशूल पर ‘मोर मुकुट’ अर्पित करने से शादी में आ रही अड़चनें खत्म हो जाती हैं और योग्य जीवनसाथी मिलने का मार्ग प्रशस्त होता है।
हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु इस विशेष अनुष्ठान में शामिल होने के लिए बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। श्रद्धालु शिव-पार्वती के पवित्र मिलन का स्मरण करते हुए वैवाहिक सुख, प्रेम और समृद्ध जीवन की कामना करते हैं। इसके साथ ही यहां ‘गठबंधन पूजा’ का भी विशेष महत्व है, जिसमें अविवाहित युवक-युवतियां या उनके परिवारजन पूजा कर भविष्य के वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।
स्थानीय पंडितों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों पुरानी है और लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। कई भक्तों का दावा है कि इस पूजा के बाद उनकी शादी जल्दी तय हो गई और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आई। महाशिवरात्रि के दिन मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिलता है।
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