सनातन परंपरा में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन परमेश्वर स्तुति स्तोत्रम् का पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है। भक्तों का विश्वास है कि श्री नारायण की स्तुति करने से दुख, बाधाएं और परेशानियां कम होती हैं तथा जीवन में संतुलन और स्थिरता आती है।
परमेश्वर स्तुति स्तोत्र भगवान विष्णु की महिमा का वर्णन करने वाला भक्ति स्तोत्र माना जाता है। इसमें भगवान के गुणों और करुणा का स्मरण किया जाता है, जिससे भक्त अपने मन को स्थिर और सकारात्मक बना पाता है। कई श्रद्धालु इसे नियमित रूप से गुरुवार को पढ़ते हैं और इसे आध्यात्मिक उन्नति का साधन मानते हैं।
पाठ करने से पहले सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना, भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने दीपक जलाना और तुलसी दल अर्पित करना शुभ माना जाता है। हालांकि, यह सभी बातें धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत विश्वास पर आधारित हैं, जिनका पालन हर व्यक्ति अपनी श्रद्धा के अनुसार करता है। नियमित भक्ति और सकारात्मक सोच से ही जीवन में वास्तविक संतुलन और शांति संभव मानी जाती है।

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