Kalasarpa Dosha: अक्सर लोग भय या अधूरी जानकारी के कारण कालसर्प दोष निवारण की पूजा करवा लेते हैं। लेकिन यदि आपकी कुंडली में यह दोष है ही नहीं, तो क्या इससे कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है? ज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार, इसका उत्तर स्पष्ट है—नहीं।
वैदिक ज्योतिष में जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब कालसर्प दोष माना जाता है। इसे जीवन में बाधा, मानसिक तनाव या संघर्ष से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, आधुनिक ज्योतिषियों का मत है कि यह दोष हर स्थिति में अशुभ नहीं होता और इसकी तीव्रता कुंडली के अन्य योगों पर भी निर्भर करती है।
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कोई हानिकारक प्रभाव नहीं: यदि कुंडली में कालसर्प दोष नहीं है, तब भी इसकी शांति पूजा करवाना अशुभ नहीं माना जाता।
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शिव भक्ति का माध्यम: यह पूजा प्रायः भगवान शिव की आराधना से जुड़ी होती है, जिससे आध्यात्मिक संतुलन मिलता है।
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मानसिक शांति: पूजा से मन में जो डर या संशय था, वह दूर हो जाता है।
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सकारात्मक ऊर्जा: मंत्र, जाप और अभिषेक से वातावरण में सकारात्मकता आती है।


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