फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर साल 2026 का पहला Solar Eclipse लगने जा रहा है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी खगोलीय घटना को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
यह ग्रहण साधारण नहीं बल्कि ‘रिंग ऑफ फायर’ के रूप में दिखाई देगा। वैज्ञानिक भाषा में इसे कहा जाता है। इस स्थिति में चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ तो जाता है, लेकिन वह सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। चंद्रमा का आकार सूर्य से छोटा दिखाई देने के कारण सूर्य का बाहरी किनारा चमकदार आग की अंगूठी जैसा नजर आता है, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है।
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह दृश्य बेहद आकर्षक और दुर्लभ होता है। जिन देशों में यह दिखाई देगा, वहां लोग विशेष सुरक्षा चश्मों की सहायता से इस अद्भुत नजारे का आनंद ले सकेंगे। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सूर्य ग्रहण को बिना प्रमाणित सोलर फिल्टर के सीधे देखना आंखों के लिए हानिकारक हो सकता है।


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