“भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया कि हमारी सफलता केवल हमारी मेहनत या योग्यता पर निर्भर नहीं करती। इसके पीछे कई शक्तियाँ सहायक होती हैं:
-
परिवार और प्रियजन – मार्गदर्शन और समर्थन देते हैं।
-
गुरु और मार्गदर्शक – ज्ञान और बुद्धि का प्रकाश दिखाते हैं।
-
परिस्थितियां – अवसर और चुनौतियां हमें सही दिशा में ले जाती हैं।
-
ईश्वर की कृपा – सभी प्रयासों को सार्थक बनाती है।
इसलिए अहंकार न करें, बल्कि हर सफलता को सहयोग और आशीर्वाद का फल समझें। यही शांति, संतुलन और स्थायी सफलता का मार्ग है।
श्रीकृष्ण की यह सीख हमें याद दिलाती है कि सफलता का वास्तविक मूल्य तब ही समझ में आता है, जब हम नम्रता और कृतज्ञता बनाए रखें।


Post A Comment:
0 comments: