क्या आपने कभी अपने अंगूठे की बनावट को ध्यान से देखा है? अक्सर लोग हथेली की रेखाओं पर तो गौर करते हैं, लेकिन अंगूठे की संरचना को नजरअंदाज कर देते हैं। हस्तरेखा शास्त्र में अंगूठे को व्यक्ति की इच्छा-शक्ति, निर्णय क्षमता और जीवन दिशा का प्रतीक माना गया है। माना जाता है कि अंगूठे की बनावट से यह संकेत मिल सकता है कि व्यक्ति भाग्य के सहारे आगे बढ़ता है या संघर्ष से अपनी राह बनाता है।
भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, अंगूठे को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में बांटा जाता है। पहला है लंबा और मजबूत अंगूठा। ऐसे लोग आत्मविश्वासी, दृढ़ निश्चयी और नेतृत्व क्षमता वाले माने जाते हैं। वे चुनौतियों से घबराते नहीं और मेहनत के दम पर सफलता हासिल करते हैं।
दूसरा प्रकार है छोटा या पतला अंगूठा। ऐसे लोगों को संवेदनशील और भावुक स्वभाव का माना जाता है। ये निर्णय लेने में समय लेते हैं और कई बार परिस्थितियों के अनुसार ढल जाते हैं। इन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत होती है।
तीसरा प्रकार है लचीला अंगूठा, जो पीछे की ओर आसानी से झुक जाता है। ऐसे लोग रचनात्मक, मिलनसार और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में माहिर माने जाते हैं। हालांकि, कभी-कभी स्थिरता की कमी भी देखी जा सकती है।
हस्तरेखा विशेषज्ञ मानते हैं कि ये संकेत केवल प्रवृत्तियों को दर्शाते हैं। असली सफलता व्यक्ति की मेहनत, सोच और कर्म पर निर्भर करती है।


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