महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वाराणसी की धार्मिक छटा देखते ही बनती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह हुआ था, इसलिए पूरी काशी शिवमय हो उठती है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचकर पूजा-अर्चना, गंगा स्नान और शिवभक्ति में लीन हो जाते हैं।
शिवरात्रि के दिन वाराणसी के कुछ खास घाटों की यात्रा को अत्यंत शुभ माना जाता है। दशाश्वमेध घाट अपनी भव्य गंगा आरती और आध्यात्मिक माहौल के लिए प्रसिद्ध है, जबकि मणिकर्णिका घाट मोक्ष से जुड़ी मान्यताओं के कारण विशेष महत्व रखता है। अस्सी घाट पर भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अलग ही आकर्षण देखने को मिलता है। इसके अलावा पंचगंगा घाट, केदार घाट, राजघाट और तुलसी घाट भी भक्तों के लिए खास माने जाते हैं।
इन घाटों पर दीपों की रोशनी, गंगा आरती और “हर हर महादेव” के जयकारों के बीच श्रद्धालु अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव महसूस करते हैं। महाशिवरात्रि पर काशी की यात्रा भक्तों को भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है, जिससे यह पर्व और भी यादगार बन जाता है।


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