पुराणों में चित्रगुप्त जी को यमराज के सहयोगी और न्याय के अधिकारी के रूप में जाना जाता है। वे मनुष्यों के सभी सकारात्मक और नकारात्मक कर्मों का लेखाजोखा रखते हैं।
क्यों हैं चित्रगुप्त जी महत्वपूर्ण?
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कर्मों का हिसाब: हर व्यक्ति के अच्छे-बुरे कर्मों को कलम और दवात से रिकॉर्ड करते हैं।
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यमराज के सहयोगी: मृत्यु के बाद यमलोक में जब आत्मा का निर्णय लिया जाता है, चित्रगुप्त के द्वारा दर्ज रिकॉर्ड निर्णायक होता है।
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न्याय का प्रतीक: पुराणों के अनुसार, चित्रगुप्त जी का काम केवल लेखाजोखा रखना नहीं, बल्कि धर्म और न्याय सुनिश्चित करना भी है।
पुराणों की कथाओं से सीख:
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जीवन में किए गए कर्म किसी न किसी रूप में लौटते हैं।
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सत्कर्म और धर्म के मार्ग पर चलना मनुष्य के लिए शुभ परिणाम लाता है।
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चित्रगुप्त जी की पूजा और उनके प्रति श्रद्धा रखने से मनुष्य के पाप कम होते हैं और पुण्य बढ़ता है।
पुराणों में कहा गया है कि कलम और दवात से अपने कर्मों का हिसाब रखने वाला तेजस्वी देवता हर समय हमारे साथ होता है, और यही वजह है कि धर्म और नैतिकता का पालन करना अनिवार्य माना गया है।


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