प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि ग्रह-नक्षत्र स्वयं किसी व्यक्ति को बिगाड़ नहीं सकते। उनके अनुसार, जब तक मन पूरी तरह राधा नाम में लीन नहीं होता, तब तक ही ग्रहों का दुष्प्रभाव महसूस होता है।
उन्होंने बताया कि प्रतिकूल ग्रह-स्थितियां मन में नकारात्मक विचार, चिंता और भय पैदा कर सकती हैं, लेकिन निरंतर राधा नाम जप करने से इन नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रभाव कमजोर पड़ जाता है। महाराज जी के मुताबिक, भक्ति और स्मरण ही मन को स्थिर रखते हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करते हैं।

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