फर्रुखाबाद के पांचालघाट स्थित मेला रामनगरिया के कल्पवास क्षेत्र में इन दिनों आस्था, श्रद्धा और दान की त्रिवेणी प्रवाहित हो रही है। आध्यात्मिक नगरी रामनगरिया में दूर-दूर से आए कल्पवासी राम की गाथा और रामधुन में लीन नजर आ रहे हैं। चारों ओर भक्ति की बयार बह रही है और गंगा मैया के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा है।
कल्पवासी प्रतिदिन तड़के गंगा स्नान कर अपने कल्पवास की शुरुआत करते हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु राम नाम का स्मरण, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों में डूब जाते हैं। घाटों पर साधु-संतों की उपस्थिति और अखाड़ों के दर्शन से वातावरण और भी आध्यात्मिक हो गया है।
रामनगरिया में कल्पवास के दौरान दान-पुण्य, सेवा और साधना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य सामग्री दान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। इसी क्रम में नर्मदेश्वर महादेव का जलाभिषेक करते हुए अग्नि अखाड़ा दंडी मंडल के अध्यक्ष बच्चा स्वामी सहित कई संत-महात्मा भी नजर आए।
मेला क्षेत्र में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या से साफ है कि रामनगरिया केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और संस्कारों का जीवंत केंद्र बन चुका है, जहां राम भक्ति के साथ सनातन परंपराओं की झलक देखने को मिल रही है।

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