नई दिल्ली: हिंदू धर्म में फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाने, पापों के नाश और समृद्धि प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आमलकी अर्थात आंवला (आमला) को भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है और इसी कारण से इस एकादशी में आंवले का पूजा में
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एकादशी तिथि प्रारंभ: 27 फरवरी 2026, रात 00:33 बजे
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एकादशी तिथि समाप्त: 27 फरवरी 2026, रात 10:32 बजे तक
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पारण (व्रत तोड़ने) का समय: 28 फरवरी 2026, सुबह 06:47 बजे से 09:06 बजे तक
पारण द्वादशी तिथि समाप्ति से पहले ही किया जाना आवश्यक है।
विशेष स्थान है।

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